एयरो इंडिया 2025 में भारत-ब्रिटेन समझौता | 12 Feb 2025

प्रिलिम्स के लिये:

MANPADs, एडवांस्ड शॉर्ट-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (ASRAAM), अपतटीय पवन ऊर्जा, विद्युत क्षेत्रक सुधार, इंटरनेशनल ट्रैफिक इन आर्म्स रेगुलेशन (ITAR), कोंकण शक्ति, अभ्यास कोबरा वाॅरियर, अजेय वाॅरियर, विश्व बैंक, ग्रीन ग्रिड पहल, इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रेज़िलियेंट आइलैंड स्टेट्स, COP26

मेन्स के लिये:

रक्षा और हरित ऊर्जा के संबंध में भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच संबंध।

स्रोत: बिज़नेस स्टैण्डर्ड

चर्चा में क्यों?

भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने रक्षा संबंधों को मज़बूत करने के लिये एयरो इंडिया 2025 में कई रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किये।

  • एक अन्य घटनाक्रम में चौथी भारत-ब्रिटेन ऊर्जा वार्ता आयोजित हुई जिसमें धारणीय, लचीले और समावेशी ऊर्जा भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया गया।

भारत-ब्रिटेन संबंधों से संबंधित हाल की घटनाएँ क्या हैं?

  • रक्षा:
    • रक्षा साझेदारी-भारत (DP-I): इसका उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मज़बूत और सुव्यवस्थित करना है।
    • रक्षा विनिर्माण: दोनों देशों ने लेज़र बीम राइडिंग MANPADs (LBRM) की आपूर्ति के लिये एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किये, जिसकी शुरुआत हाई वेलोसिटी मिसाइलों (STARStreak) एवं लांचरों की प्रारंभिक डिलीवरी से हुई।
      • दोनों देशों की कंपनियों द्वारा हल्की बहुउद्देशीय मिसाइलों (LMMs) का उत्पादन करने से भारतीय उद्योग ब्रिटेन की वैश्विक आपूर्ति शृंखला में शामिल हो जाएंगे।
      • दोनों देश लड़ाकू विमानों को सुसज्जित करने एवं वैश्विक निर्यात को समर्थन देने के लिये हैदराबाद में भारत की पहली एडवांस्ड शॉर्ट-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (ASRAAM) असेंबली एवं परीक्षण केंद्र स्थापित करेंगे।
    • विद्युत प्रणोदन प्रणाली: दोनों देशों ने भारत के अगली पीढ़ी के लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक (LPD) बेड़े के लिये एक एकीकृत पूर्ण विद्युत प्रणोदन (IFEP) प्रणाली विकसित करने पर सहमति व्यक्त की, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक LPD वितरण करना है। 
  • ऊर्जा: 
    • ASPIRE चरण-2: भारत-ब्रिटेन एक्सेलरेटिंग स्मार्ट पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इन इंडिया (ASPIRE) कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू हुआ। 
      • ASPIRE प्रोग्राम, एक UK-भारत पहल, 24/7 विद्युत् आपूर्ति का समर्थन करता है, तथा औद्योगिक ऊर्जा दक्षता और डीकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा देता है।
    • विंड टास्कफोर्स: दोनों ने पारिस्थितिकी तंत्र, आपूर्ति शृंखला और वित्तपोषण को बढ़ाने के लिये अपतटीय पवन ऊर्जा को मज़बूत करने हेतु UK-भारत अपतटीय विंड टास्कफोर्स का गठन किया।
      • दोनों ने त्वरित जलवायु परिवर्तन के लिये UK भागीदारी (UKPACT) के अंतर्गत विद्युत क्षेत्र सुधार कार्यक्रम को जारी रखने की घोषणा की।
        • UK PACT भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को निम्न-कार्बन, सतत् विकास की ओर बढ़ने में सहायता करता है।

ब्रिटेन भारत की रक्षा को कैसे मज़बूत कर सकता है?

  • नई रक्षा प्रौद्योगिकियाँ: भारत-UK 2030 रोडमैप के तहत, UK जेट इंजन विकास और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सहित महत्त्वपूर्ण तकनीक प्रदान करता है।
  • आत्मनिर्भरता: अगली पीढ़ी की रक्षा सेनाओं का सह-विकास करके 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' का समर्थन करता है।
  • सामरिक सैन्य उपस्थिति: संयुक्त प्रशिक्षण के लिये हिंद महासागर में एक तटीय प्रतिक्रिया समूह की स्थापना करना, जिसके अड्डे ओमान, नेपाल, ब्रुनेई, डिएगो गार्सिया और सिंगापुर में होंगे।

ब्रिटेन भारत के हरित परिवर्तन का समर्थन कैसे कर सकता है?

  • निवेश: ब्रिटिश इन्वेस्टमेंट इंटरनेशनल के माध्यम से हरित परियोजनाओं के लिये 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तथा विश्व बैंक की 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की गारंटी।
  • अपतटीय पवन: ब्रिटेन की विशेषज्ञता भारत के वर्ष 2030 तक 30 गीगावाट अपतटीय पवन ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगी।
  • सामुदायिक ऊर्जा: भारतीय सौर, जल और जलवायु परियोजनाओं में 67 मिलियन यूरो का निवेश किया गया, जिससे 413 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ी और 1.14 मिलियन टन उत्सर्जन में कमी आई।
  • स्वच्छ ऊर्जा पहल: ब्रिटेन का स्वच्छ ऊर्जा विकास कार्यक्रम भारत के 1.8 ट्रिलियन पाउंड के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार विस्तार का समर्थन करता है।
  • वैश्विक सहयोग: भारत-ब्रिटेन ने COP26 में हरित ग्रिड पहल की शुरुआत की, जिसमें भारत ग्लासगो ब्रेकथ्रू और ज़ीरो EV घोषणा में शामिल हुआ।

भारत-ब्रिटेन संबंधों के संबंध में मुख्य बिंदु क्या हैं?

  • व्यापारिक संबंध: भारत वर्ष 2024 में ब्रिटेन का 11वाँ सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था और द्विपक्षीय व्यापार 42 बिलियन पाउंड का था।
    • द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिये वर्ष 2005 में भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति (JETCO) की स्थापना की गई थी।
  • निवेश: भारत वर्ष 2022-23 में  UK का दूसरा सबसे बड़ा FDI स्रोत था।
    • UK भारत का छठा सबसे बड़ा निवेशक है, जिसका FDI (अप्रैल 2000 - मार्च 2023) में 33.88 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जो कुल प्रवाह में 5.34% का योगदान देता है।
  • रक्षा सहयोग: कोंकण शक्ति पहला भारत-ब्रिटेन त्रि-सेवा अभ्यास था, जिसने रक्षा संबंधों को मज़बूत किया। भारत अभ्यास कोबरा वारियर (वायु अभ्यास) में शामिल हुआ, जबकि अजय वारियर ने सेना के सहयोग को बढ़ावा दिया।
  • शिक्षा: शैक्षणिक योग्यता की पारस्परिक मान्यता पर जुलाई 2022 में हस्ताक्षर किये गए, जिससे शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
    • वर्ष 2022-23 में ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों का नामांकन 185,000 तक पहुँच गया है।
  • लोगों के बीच संबंध: प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी (MMP) पर मई 2021 में हस्ताक्षर किये गए, जिससे भारत और UK के बीच पेशेवरों की आवाजाही सुगम हो सकेगी।
    • G-20 बाली शिखर सम्मेलन में घोषित यंग प्रोफेशनल्स स्कीम (YPS) दोनों देशों के स्नातकों (18-30) को दो वर्ष तक रहने और कार्य करने की अनुमति प्रदान करती है।

निष्कर्ष

भारत और यूके प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, निवेश और सहयोगात्मक पहलों के माध्यम से रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा में अपनी रणनीतिक साझेदारी को गति प्रदान कर रहे हैं। अपतटीय पवन, विद्युत गतिशीलता और रक्षा विनिर्माण में उनके संयुक्त प्रयास भारत के आत्मनिर्भरता लक्ष्यों के अनुरूप हैं, जो वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए पारस्परिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करते हैं।

दृष्टि मुख्य परीक्षा प्रश्न:

प्रश्न: रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्त्व का विश्लेषण कीजिये।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रश्न. हमने ब्रिटिश मॉडल के आधार पर संसदीय लोकतंत्र को अपनाया, लेकिन हमारा मॉडल उस मॉडल से कैसे अलग है?( 2021)

  1. कानून के संबंध में ब्रिटिश संसद सर्वोच्च या संप्रभु है लेकिन भारत में संसद की कानून बनाने की शक्ति सीमित है। 
  2.  भारत में संसद के एक अधिनियम के संशोधन की संवैधानिकता से संबंधित मामलों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संविधान पीठ को भेजा जाता है।

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1                   
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों  
(d) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: (c)


मेन्स:

प्रश्न: भारत और ब्रिटेन की न्यायिक व्यवस्था हाल के दिनों में अभिसरण के साथ-साथ अलग-अलग होती दिख रही है। न्यायिक प्रथाओं के संदर्भ में दोनों देशों के बीच अभिसरण एवं विचलन के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालिये। (मुख्य परीक्षा, 2020)

प्रश्न: भारत-प्रशांत महासागर क्षेत्र में चीन की महत्त्वाकांक्षाओं का मुकाबला करना नई त्रि-राष्ट्र साझेदारी AUKUS का उद्देश्य है। क्या यह इस क्षेत्र में मौजूदा साझेदारी का स्थान लेने जा रहा है? वर्तमान परिदृश्य में, AUKUS की शक्ति और प्रभाव की विवेचना कीजिये। (उत्तर 250 शब्दों में दीजिये।)

प्रश्न. संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) के पक्षकारों के सम्मेलन (COP) के 26वें सत्र के प्रमुख परिणामों का वर्णन कीजिये। इस सम्मेलन में भारत द्वारा की गई प्रतिबद्धताएँ क्या हैं? (2021)