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स्टेट पी.सी.एस.

  • 01 Apr 2026
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दिल्ली के भारत मंडपम में पहला अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव

चर्चा में क्यों?

दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFD) 2026 के प्रथम संस्करण का उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया गया।

मुख्य बिंदु

  • परिचय: अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFD) का प्रथम संस्करण 25 से 31 मार्च, 2026 के मध्य नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सिनेमा तथा फिल्म निर्माताओं के लिये एक वैश्विक मंच उपलब्ध कराना था।
  • लक्षित देश: स्पेन।
  • आयोजन प्राधिकरण: यह महोत्सव दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) द्वारा दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया।
  • उद्घाटन: महोत्सव का शुभारंभ ओलिवर लैक्स द्वारा निर्देशित स्पेनिश भाषा की फिल्म 'सिरात' के प्रदर्शन के साथ हुआ।
  • वैश्विक भागीदारी: इस महोत्सव के अंतर्गत 47 देशों की 130 से अधिक फिल्में प्रदर्शित की गईं, जिन्हें 101 देशों से प्राप्त 2,000 से अधिक फिल्म प्रविष्टियों में से चयनित किया गया है, जो वैश्विक सिनेमा की विविधता को परिलक्षित करती हैं।
  • उद्देश्य: इस महोत्सव का उद्देश्य नई दिल्ली को सिनेमा तथा फिल्म निर्माण के एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना तथा शहर की व्यापक फिल्म नीति पहलों के अंतर्गत फिल्म पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: उद्घाटन समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
  • पुरस्कार एवं सम्मान: उद्घाटन समारोह के अवसर पर भारतीय सिनेमा में उनके महत्त्वपूर्ण योगदान के लिये शर्मिला टैगोर, धर्मेंद्र तथा नंदामुरी बालकृष्ण सहित प्रमुख फिल्म हस्तियों को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

और पढ़ें: वंदे मातरम के 150 वर्ष


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हॉकी इंडिया के 8वें वार्षिक पुरस्कार 2025

चर्चा में क्यों?

हॉकी इंडिया के 8वें वार्षिक पुरस्कार समारोह का आयोजन नई दिल्ली में किया गया, जिसमें वर्ष 2025 सत्र के दौरान भारतीय हॉकी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तथा योगदान देने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

मुख्य बिंदु

  • परिचय: हॉकी इंडिया वार्षिक पुरस्कार, जिसकी स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी, भारत में हॉकी के विकास में योगदान देने वाले खिलाड़ियों, अधिकारियों तथा राज्य इकाइयों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता प्रदान करता है।
  • प्लेयर ऑफ द ईयर पुरस्कार: 
    • हार्दिक सिंह को हॉकी इंडिया बलबीर सिंह सीनियर प्लेयर ऑफ द ईयर (पुरुष) पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
    • नवनीत कौर को हॉकी इंडिया बलबीर सिंह सीनियर प्लेयर ऑफ द ईयर (महिला) पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
    • प्रत्येक पुरस्कार में 20 लाख रुपये का नकद पुरस्कार शामिल था।
  • लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
    • भारतीय कप्तान ज़फर इकबाल को मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
    • वह वर्ष 1980 के मॉस्को ओलंपिक में भारत की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा थे।
    • इसमें 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है।
  • वर्ष के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर
    • बिचु देवी खरिबाम — हॉकी इंडिया बलजीत सिंह पुरस्कार
    • वर्ष के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर: संजय — हॉकी इंडिया परगट सिंह पुरस्कार
    • वर्ष के सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डर: सुमित — हॉकी इंडिया अजीत पाल सिंह पुरस्कार
    • वर्ष के सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्ड: सुखजीत सिंह — हॉकी इंडिया धनराज पिल्लै पुरस्कार
      • इन प्रत्येक पुरस्कारों के साथ 5 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई।
  • सर्वश्रेष्ठ सदस्य इकाई पुरस्कार
    • हॉकी झारखंड को ज़मीनी स्तर पर हॉकी के विकास में उसके योगदान के लिये यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • आगामी प्लेयर ऑफ द ईयर (अंडर-21):
    • पुरुष: प्रिंस दीप सिंह — हॉकी इंडिया जुगराज सिंह पुरस्कार से सम्मानित किये गए।
    •  महिला: साक्षी राणा — हॉकी इंडिया असुंता लाकड़ा पुरस्कार से सम्मानित की गईं।
      • इन दोनों पुरस्कारों के साथ प्रत्येक को 10 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई।

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शीतल देवी बनीं 2025 की ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर’

चर्चा में क्यों?

अंतर्राष्ट्रीय पैरा-आर्चरी प्रतियोगिताओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये भारतीय पैरा-आर्चरी शीतल देवी को विश्व तीरंदाज़ी पुरस्कारों में 'पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025' के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। 

मुख्य बिंदु

  • ऐतिहासिक उपलब्धि: जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय एथलीट शीतल देवी विश्व पैरा तीरंदाज़ी चैंपियनशिप 2025 में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली और एकमात्र बिना भुजाओं (armless) वाली महिला तीरंदाज़ बनीं।
  • विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण: उन्होंने दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में आयोजित चैंपियनशिप में महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्द्धा में स्वर्ण पदक जीता।
    • उसी चैंपियनशिप में उन्होंने महिला टीम स्पर्द्धा में रजत पदक तथा मिश्रित टीम स्पर्द्धा में कांस्य पदक भी जीता, इस प्रकार उन्होंने पदकों का पूर्ण सेट प्राप्त किया।
  • अन्य उपलब्धियाँ: उन्होंने पेरिस पैरालंपिक, 2024 में कांस्य पदक तथा एशियाई पैरा स्पोर्ट्स 2022 में रजत पदक भी जीते।
    • उन्हें वर्ष 2024 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • विशिष्ट तकनीक: बिना भुजाओं के जन्म लेने के कारण शीतल देवी अपने पैरों, टांगों तथा कंधे का उपयोग कर धनुष को खींचती और छोड़ती हैं, जो इस खेल में उनके असाधारण कौशल और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
  • अन्य पुरस्कार:
    • आर्चर ऑफ द ईयर: तुर्की के एमिरकान हाने।
    • यंग आर्चर ऑफ द ईयर: फ्राँस के बैप्टिस्ट एडिस।
    • वर्ष की सर्वश्रेष्ठ टीम: दक्षिण कोरिया की पुरुष रिकर्व तीरंदाज़ी टीम। 

और पढ़ें: 2024 पेरिस पैरालंपिक्स


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मेघालय ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सुधार-आधारित MoU पर हस्ताक्षर किये

चर्चा में क्यों?

मेघालय ने जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत केंद्र सरकार के साथ सुधार से संबंधित एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं, जिससे वह मिशन के सुधार-आधारित कार्यान्वयन ढाँचे में सम्मिलित होने वाला 12वाँ राज्य बन गया है।

मुख्य बिंदु

  • 12वाँ राज्य: मेघालय, जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के अंतर्गत सुधार संबंधी MoU पर हस्ताक्षर करने वाला 12वाँ राज्य बन गया है।
  • JJM 2.0 की मंज़ूरी: मिशन के दूसरे चरण को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 मार्च, 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • समझौता ज्ञापन: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल तथा राज्य मंत्री वी. सोमन्ना की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किये गए, जबकि मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
  • यह ढाँचा ग्राम पंचायतों तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) को ग्राम स्तर की जल आपूर्ति प्रणालियों के प्रबंधन का अधिकार प्रदान कर विकेंद्रीकृत शासन को प्रोत्साहित करता है।
  • ज़िला जल स्वच्छता मिशन (DWSM) ग्राम स्तर की कार्य योजनाएँ तैयार करेंगे तथा जल आपूर्ति परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करेंगे।
  • मुख्य तथ्य: MoU में विश्वसनीय एवं सतत ग्रामीण पेयजल सेवाओं पर ज़ोर दिया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा एवं गुणवत्ता का जल उपलब्ध कराया जा सके।
  • कवरेज: राज्य ने इस मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 83% नल के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है तथा इसका लक्ष्य 100% घरों तक नल कनेक्शन पहुँचाना है।
  • राष्ट्रीय लक्ष्य: इस मिशन का उद्देश्य दिसंबर 2028 तक सभी ग्रामीण क्षेत्रों में नल के पानी की आपूर्ति ('हर घर जल') सुनिश्चित करना है, जिसके कार्यान्वयन हेतु अतिरिक्त ₹1.51 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है।
  • जल जीवन मिशन: जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 में प्रारंभ किये गए इस मिशन का उद्देश्य भारत के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पाइप के माध्यम से सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।

और पढ़ें: जल जीवन मिशन 2.0 


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पीएम ई-ड्राइव योजना की अवधि मार्च 2028 तक

चर्चा में क्यों?

भारत सरकार ने आवंटित धनराशि के धीमे उपयोग तथा इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (PM E-DRIVE) योजना को मार्च 2028 तक विस्तारित कर दिया है।

मुख्य बिंदु

  • विस्तार: केंद्र सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना की अवधि 31 मार्च, 2028 तक बढ़ा दी है।
    • इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (E-2W) के लिये सब्सिडी 31 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दी गई है, जबकि ई-रिक्शा तथा ई-कार्ट जैसे इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों के लिये प्रोत्साहन 31 मार्च, 2028 तक जारी रहेगा।
  • कारण: सरकार के अनुसार चरणबद्ध कार्यान्वयन, उपलब्धि आधारित निधि निर्गम तथा EV सेगमेंट की बढ़ती तत्परता के कारण निधि का उपयोग अपेक्षाकृत धीमा रहा।
  • उद्देश्य: इस योजना का उद्देश्य भारत में EV अपनाने में तेज़ी लाना तथा EV बुनियादी ढाँचे के विकास में सहयोग प्रदान करना है।
  • आरंभ: भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024 में सतत एवं हरित परिवहन को प्रोत्साहित करने के लिये पीएम ई-ड्राइव योजना प्रारंभ की गई थी।
  • वित्तीय परिव्यय: इस योजना का कुल परिव्यय ₹10,900 करोड़ है, जिसका उद्देश्य EV खरीद तथा बुनियादी ढाँचे के विकास के लिये प्रोत्साहन प्रदान करना है।
  • पात्र वाहन श्रेणियाँ: इस योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन, ई-बसें, ई-ट्रक, ई-एंबुलेंस तथा EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

और पढ़ें: पीएम ई-ड्राइव योजना


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भारत नागोया प्रोटोकॉल के तहत अनुपालन प्रमाण-पत्र जारी करने में विश्व में अग्रणी

चर्चा में क्यों?

भारत नागोया प्रोटोकॉल के अंतर्गत पहुँच और लाभ-साझाकरण (ABS) ढाँचे के तहत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अनुपालन प्रमाण-पत्र (IRCC) जारी करने में वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश के रूप में उभरा है।

मुख्य बिंदु

  • परिचय: भारत ने कुल 6,311 में से 3,561 IRCC जारी किये हैं, जो विश्व के कुल प्रमाण-पत्रों का 56% से अधिक है, जिससे यह प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन में अग्रणी देश बन गया है।
    • ये प्रमाण-पत्र ABS क्लियरिंग-हाउस में अभिलेखित किये जाते हैं, जो आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता तथा उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने हेतु एक वैश्विक मंच है।
  • सीमित वैश्विक भागीदारी: ABS क्लियरिंग-हाउस प्लेटफ़ॉर्म पर पंजीकृत 142 देशों में से अब तक केवल 34 देशों ने IRCC जारी किये हैं।
    • भारत के बाद सर्वाधिक प्रमाण-पत्र जारी करने वाले देशों में फ्राँस (964), स्पेन (320), अर्जेंटीना (257), पनामा (156) तथा केन्या (144) शामिल हैं।
  • IRCCs का उद्देश्य: IRCCs इस बात का आधिकारिक प्रमाण होते हैं कि पूर्व सूचित सहमति (PIC) प्राप्त कर ली गई है तथा परस्पर सहमति की शर्तें (MAT) आनुवंशिक संसाधनों के उपयोगकर्त्ताओं और प्रदाताओं के बीच स्थापित की गई हैं।
    • ये प्रमाण-पत्र अनुसंधान और नवाचार से लेकर वाणिज्यिक अनुप्रयोगों तक आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग का अनुगमन (tracking) करने में सहायता करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि लाभों का न्यायसंगत वितरण प्रदाता देश के साथ किया जाए।
  • पहुँच और लाभ-साझाकरण (ABS) ढाँचा
    • ABS ढाँचा यह सुनिश्चित करता है कि जब जैविक संसाधनों जैसे पौधों तथा सूक्ष्मजीवों का उपयोग कंपनियों या शोधकर्त्ताओं द्वारा किया जाता है तो उसके लाभों को उन स्थानीय समुदायों और किसानों के साथ साझा किया जाए, जो इन संसाधनों का संरक्षण करते हैं।
  • नागोया प्रोटोकॉल
    • यह जैव विविधता अभिसमय (CBD) के अंतर्गत एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है, जिसका उद्देश्य आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से उत्पन्न लाभों का न्यायसंगत एवं समान वितरण सुनिश्चित करना है।
    • नागोया प्रोटोकॉल को 29 अक्तूबर, 2010 को जापान के नागोया में अंगीकृत किया गया था।
    • प्रवर्तन (Came into Force): 12 अक्तूबर, 2014।
    • भारत ने इस प्रोटोकॉल का अनुमोदन (ratification) वर्ष 2012 में किया।

और पढ़ें: जैव विविधता अभिसमय (CBD) , नागोया प्रोटोकॉल, पहुँच और लाभ-साझाकरण (ABS)


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विराट कोहली IPL चेज़ में 4000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने

चर्चा में क्यों?

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में इतिहास रचते हुए टूर्नामेंट में 4,000 से अधिक रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।

मुख्य बिंदु

  • मैच: यह उपलब्धि आईपीएल 2026 के उद्घाटन मैच में रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू तथा सनराइज़र्स हैदराबाद के मध्य खेले गए मुकाबले में प्राप्त की गई।
  • स्थान: यह ऐतिहासिक उपलब्धि बंगलूरू स्थित एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में दर्ज की गई।
  • उपनाम: रन चेज़ के दौरान दबावपूर्ण परिस्थितियों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता के कारण, कोहली को लोकप्रिय रूप से 'चेज़मास्टर' के रूप में जाना जाता है।
  • प्रमुख उपलब्धियाँ:
    • उन्होंने भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में ICC अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप 2008 में टीम को विजय दिलाई।
    • उन्होंने ICC एकदिवसीय क्रिकेटर ऑफ द ईयर पुरस्कार चार बार (2012, 2017, 2018, 2023) जीता तथा वर्ष 2018 में ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर भी रहे।
    • उन्होंने सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट में 50 शतक बनाए, जो वर्ष 2023 तक ODI इतिहास में सर्वाधिक है।
    • उन्हें अर्जुन पुरस्कार (2013), पद्म श्री (2017) तथा राजीव गांधी खेल रत्न (2018) सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।
    • वे IPL इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने तथा वर्ष 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू को उसका पहला IPL खिताब दिलाया।

और पढ़ें: इंडियन प्रीमियर लीग 


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