नालंदा में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन | 25 Feb 2025

चर्चा में क्यों?

बिहार के मुख्यमंत्री ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान नालंदा में 820.72 करोड़ रुपए की कुल 263 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। 

मुख्य बिंदु 

प्रमुख उद्घाटन और शिलान्यास

  • इन विकास परियोजनाओं में 361.66 करोड़ रुपए की 177 परियोजनाओं का उद्घाटन और 459.05 करोड़ रुपए की 86 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। जिनमें प्रमुख परियोजनाएँ निम्नलिखित हैं: 
    • तालाब और पुस्तकालय का उद्घाटन: इस दौरान उन्होंने सिलाव प्रखंड के नानंद गाँव में अमृत सरोवर योजना के तहत बने तालाब, सुंदर पार्क और वातानुकूलित डिजिटल पुस्तकालय का उद्घाटन किया।
    • सामाजिक उत्थान पार्क: ₹19-22 लाख की लागत से निर्मित, इसे स्वच्छ बनाए रखने के निर्देश
    • प्रधानमंत्री आवास योजना: के तहत 12 महादलित परिवारों को नवनिर्मित मकान सौंपे (बिजली, पानी और बागवानी सुविधा सहित)
    • जीविका दीदियों को आर्थिक सहयोग प्रदान
    • राजगीर कुंड परिसर: नवनिर्मित यात्री विश्राम भवन का उद्घाटन
    • बेनार-सकसोहरा मार्ग: चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण करना 
    • मत्स्य हैचरी: निरीक्षण किया
    • स्थानीय खेल मैदान: निरीक्षण, खिलाड़ियों को ब्लेजर बॉल और खेल किट प्रदान की
    • सामाजिक भवन, वर्क शेड और चाइल्ड वेलफेयर स्कीम के लाभार्थियों से संवाद
  • भावी परियोजनाएँ
    • राजगीर में डायनासोर पार्क का निर्माण
    • पंचाने सिंचाई योजना: जीर्णोद्धार और विकास
    • सरमेरा में कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना

नालंदा ज़िला 

  • परिचय
    • नालंदा बिहार का एक प्रमुख ज़िला है जिसका मुख्यालय बिहार शरीफ है। इसका क्षेत्रफल 2,355 वर्ग किलोमीटर (909 वर्ग मील) है।
  • एतिहासिक महत्त्व 
    • नालंदा अपने प्राचीन इतिहास के लिये विश्व प्रसिद्ध है। 
    • यहाँ विश्व के सबसे पुराने नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष आज भी स्थित हैं।
    • बुद्ध और महावीर कई बार नालंदा में ठहरे थे।
    • महावीर ने मोक्ष की प्राप्ति पावापुरी (नालंदा) में की थी।
    • बुद्ध के प्रमुख शिष्य शारिपुत्र का जन्म नालंदा में हुआ था।
    • प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने 7वीं शताब्दी में यहाँ एक वर्ष बिताया था।
  • पर्यटन स्थल
    • नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष
    • नालंदा संग्रहालय
    • ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल
    • राजगीर (गर्म पानी के झरने – ब्रह्मकुण्ड, सरस्वती कुण्ड, लंगटे कुण्ड)
    • पावापुरी (महावीर का निर्वाण स्थल)
    • बोधगया एवं गया (बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र)
  • प्रमुख नदियाँ
    • फल्गु
    • मोहने