अहेतुल्ला लॉन्गिरोस्ट्रिस साँप | 02 Apr 2025

चर्चा में क्यों?

उत्तर प्रदेश के दुधवा टाइगर रिज़र्व में एक दुर्लभ साँप, अहेतुल्ला लॉन्गिरोस्ट्रिस (लंबी थूथन वाला बेल साँप) खोजा गया। 

मुख्य बिंदु

  • साँप के बारे में:
    • इसकी खोज दुधवा टाइगर रिज़र्व के पलिया डिवीजन में गैंडों के शिफ्टिंग अभियान के दौरान की गई थी।
    • इससे पहले यह साँप केवल बिहार के पश्चिमी चंपारण में वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व के जंगलों में पाया गया था।

  • विशेषताएँ:
    • इसका शरीर लंबा, पतला और हरा या भूरा रंग का होता है, जो इसे अन्य साँपों से अलग करता है। 

    • इसकी लंबी नाक (रोस्ट्रल) भी इसकी पहचान का एक प्रमुख संकेत है।

    • यह मुख्य रूप से पेड़ों पर रहता है और आसानी से शाखाओं तथा पत्तियों के बीच छिप सकता है।

    • यह हल्का जहरीला होता है, जिसका जहर इंसान के लिये अधिक खतरनाक नहीं होता।

  • परिवार: कोलुब्रिडे

दुधवा टाइगर रिज़र्व के बारे में

  • यह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी ज़िले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित, उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में सबसे अच्छे प्राकृतिक जंगलों और घास के मैदानों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • यह रिज़र्व अपनी समृद्ध जैवविविधता के लिये जाना जाता है, जिसमें बंगाल टाइगर, भारतीय गैंडा, दलदली हिरण, तेंदुआ और पक्षियों की कई प्रजातियाँ सहित विभिन्न प्रकार की वनस्पतियाँ और जीव हैं।
  • इस तराई आर्क लैंडस्केप (TAL) के अंतर्गत तीन महत्त्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं :
  • तीनों संरक्षित क्षेत्रों को राज्य में रॉयल बंगाल टाइगर के अंतिम व्यवहार्य घर होने के नाते प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) के तहत दुधवा टाइगर रिज़र्व के रूप में संयुक्त रूप से गठित किया गया है।
  • दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य को वर्ष 1987 में तथा कतर्निया वन्यजीव अभयारण्य को वर्ष 2000 में दुधवा टाइगर रिज़र्व में शामिल किया गया था।