प्रारंभिक परीक्षा
टोमैटो चिली और कन्नडिप्पया को GI टैग
- 05 Apr 2025
- 7 min read
स्रोत: द हिंदू
चर्चा में क्यों?
तेलंगाना के वारंगल चपाता मिर्च (टोमैटो चिली) और केरल के आदिवासी हस्तशिल्प कन्नडिप्पया को भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्रदान किया गया है, जिससे भारत की GI रजिस्ट्री और समृद्ध हुई है, जिसमें अब 600 से अधिक उत्पाद सूचीबद्ध हैं।
भौगोलिक संकेत (GI) टैग
- परिचय: GI टैग एक नाम या चिह्न होता है जिसका उपयोग कुछ उत्पादों पर किया जाता है जो किसी विशिष्ट भौगोलिक स्थान या उत्पत्ति से संबंधित होते हैं।
- GI टैग यह सुनिश्चित करता है कि केवल अधिकृत उपयोगकर्त्ता या भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ही लोकप्रिय उत्पाद नाम का उपयोग करने की अनुमति है।
- यह उत्पाद को दूसरों द्वारा नकल किये जाने से भी बचाता है।
- पंजीकृत GI 10 वर्षों के लिये वैध होता है और इसे नवीनीकृत किया जा सकता है।
- GI पंजीकरण की देखरेख वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग द्वारा की जाती है।
- GI टैग यह सुनिश्चित करता है कि केवल अधिकृत उपयोगकर्त्ता या भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ही लोकप्रिय उत्पाद नाम का उपयोग करने की अनुमति है।
- कानूनी ढाँचा:
वारंगल चपाता मिर्च के बारे में मुख्य तथ्य क्या हैं?
- परिचय: यह तेलंगाना का 18वाँ GI-टैग वाला उत्पाद है और बंगनापल्ली आम और तंदूर लाल ग्राम के बाद तीसरा कृषि GI टैग वाला उत्पाद है।
- विशेषताएँ: यह अपने चमकीले लाल रंग और गोल टमाटर जैसी आकृति के लिये जाना जाता है।
- यह मिर्च कम तीखी होती है, लेकिन अपने कैप्सिकम ओलियोरेसिन (oleoresin) गुणों (एंटी-ओबेसोजेनिक, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण) के कारण इसका रंग चमकीला लाल होता है और इसका स्वाद भी भरपूर होता है।
- प्रकार: यह तीन प्रकार के फलों में पाया जाता है: सिंगल पैटी, डबल पैटी और ओडालू।
- खेती: वारंगल चपाता की खेती जम्मीकुंटा मंडल के नगरम गाँवों में 80 वर्षों से अधिक समय से की जा रही है, जबकि नादिकुडा गाँव और मंडल इसका सबसे पुराना स्रोत हो सकता है।
- इसकी विशिष्ट विशेषताओं का श्रेय इस क्षेत्र की लाल और काली मृदा को दिया जा सकता है।
- इस क्षेत्र की विशिष्ट मृदा, जल और मौसम के कारण इस फसल को अन्यत्र उगाना कठिन है।
कन्नडिप्पया से संबंधित मुख्य तथ्य क्या हैं?
- परिचय: इस मान्यता के साथ कन्नडिप्पया GI टैग प्रदत्त केरल का पहला जनजातीय हस्तशिल्प उत्पाद बन गया है।
- उत्पत्ति: यह शिल्प मुख्य रूप से ओराली, मन्नान, मुथुवा, मलायन और कादर जनजातीय समुदायों और इडुक्की, त्रिशूर, एर्नाकुलम और पलक्कड़ ज़िलों में उल्लादान, मलयारायन और हिल पुलाया शिल्पकारों द्वारा संरक्षित है।
- अतीत में, जनजातीय समुदायों द्वारा कन्नडिप्पया को सम्मान के प्रतीक के रूप में राजाओं को भेंट किया जाता था।
- मुख्य विशेषताएँ: इस उत्पाद का नाम, जिसका शाब्दिक अर्थ मिरर मैट है, इसके अद्वितीय परावर्तक पैटर्न से लिया गया है।
- यह मैट रीड बाँस (Teinostachyum wightii) की नरम परतों से बनाई गई है, यह मैट अपने अनूठे गुणों के लिये जानी जाती है, जैसे सर्दियों के दौरान गर्मी प्रदान करना और गर्मियों में शीतलता प्रदान करना।
हाल ही में GI टैग प्राप्त अन्य उत्पाद कौन-से हैं?
उत्पाद |
राज्य |
वर्ष |
तथ्य |
बनारस ठंडाई |
उत्तर प्रदेश। |
वर्ष 2024 |
वाराणसी से संबंधित पारंपरिक मसालेदार पेय। |
असम बिहू ढोल |
असम |
वर्ष 2024 |
पारंपरिक ढोल जो बिहू उत्सव का अभिन्न अंग है। |
कस्ती धनिया |
महाराष्ट्र |
वर्ष 2023 |
विशिष्ट सुगंध और स्वाद के लिये लोकप्रिय |
कोरापुट काला जीरा चावल |
ओडिशा |
वर्ष 2023 |
सुगंधित काले धान चावल, जिसे प्रायः 'प्रिंस ऑफ राइस' कहा जाता है। |
उत्तराखंड लाल चावल |
उत्तराखंड |
वर्ष 2023 |
हाई एल्टीट्यूड वाला चावल अपने पोषण संबंधी लाभों और विशिष्ट सुगंध के लिये जाना जाता है। |
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्नप्रश्न. निम्नलिखित में से किसे 'भौगोलिक संकेतक' का दर्जा प्रदान किया गया है? (2015)
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये: (a) केवल 1 उत्तर: (c) प्रश्न. भारत ने वस्तुओं के भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 को किसके दायित्वों का पालन करने के लिये अधिनियमित किया? (2018) (a) अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन उत्तर: (d) |