राजस्थान
राजस्थान उच्च न्यायालय में नए न्यायाधीश नियुक्त
- 02 Apr 2025
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चर्चा में क्यों?
राजस्थान उच्च न्यायालय में चार नए न्यायधीशों की नियुक्ति की गई, जिससे अब न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है।
मुख्य बिंदु
- न्यायधीशों के बारे में:
- न्यायालय में आयोजित औपचारिक समारोह में मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव ने उन्हें शपथ दिलाई।
- नए न्यायधीशों में जयपुर से आनंद शर्मा और जोधपुर से सुनील बेनीवाल, मुकेश राजपुरोहित और संदीप शाह का नाम शामिल हैं।
- उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति:
- संविधान का अनुच्छेद 217: यह कहता है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI), राज्य के राज्यपाल के परामर्श से की जाएगी।
- मुख्य न्यायाधीश के अलावा किसी अन्य न्यायाधीश की नियुक्ति के मामले में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श किया जाता है।
- परामर्श प्रक्रिया: उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सिफारिश एक कॉलेजियम द्वारा की जाती है जिसमें CJI और दो वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।
- यह प्रस्ताव दो वरिष्ठतम सहयोगियों के परामर्श से संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा किया जाता है।
- सिफारिश मुख्यमंत्री को भेजी जाती है, जो केंद्रीय कानून मंत्री को प्रस्ताव राज्यपाल को भेजने की सलाह देता है।
- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति इस नीति के आधार पर की जाती है कि राज्य का मुख्य न्यायाधीश संबंधित राज्य से बाहर का होगा।
- संविधान का अनुच्छेद 217: यह कहता है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI), राज्य के राज्यपाल के परामर्श से की जाएगी।
राजस्थान उच्च न्यायालय
- राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में स्थित है और इसकी स्थापना 29 अगस्त 1949 को राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 के तहत की गई थी।
- वर्तमान में इस न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 50 है, जबकि मार्च 2025 तक कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 38 है।
- राजस्थान के एकीकरण से पहले, राज्य की विभिन्न इकाइयों में पाँच अलग-अलग उच्च न्यायालय कार्यरत थे। राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 ने इन विभिन्न न्यायालयों को समाप्त कर पूरे राज्य के लिये एक ही उच्च न्यायालय का प्रावधान किया।
- शुरुआत में राजस्थान उच्च न्यायालय का मुख्यालय जयपुर में था और इसका उद्घाटन राजप्रमुख महाराजा सवाई मान सिंह ने 29 अगस्त 1949 को किया।
- बाद में, 1956 में राजस्थान के पूर्ण एकीकरण के बाद, सत्यनारायण राव समिति की सिफारिश पर इसे जोधपुर में स्थानांतरित कर दिया गया।
- राजस्थान उच्च न्यायालय के पहले मुख्य न्यायाधीश कमला कांत वर्मा थे।