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ओपन साइंस

  • 27 Sep 2024
  • 3 min read

स्रोत: TH

ओपन साइंस सिद्धांतों और प्रक्रियाओं का एक संग्रह है जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान को सभी के लिये सुलभ बनाना तथा यह सुनिश्चित करना है कि ज्ञान का संचार समावेशी, न्यायसंगत और संधारणीय हो।

  • इसमें प्रकाशनों की निशुल्क उपलब्धता, डेटासेट की उपलब्धता, ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर उपयोग और नागरिक विज्ञान समन्वय जैसे सिद्धांत शामिल हैं।
  • ओपन साइंस पर यूनेस्को की सिफारिश ओपन साइंस के लिये साझा मूल्यों और सिद्धांतों को परिभाषित व रेखांकित करती है।
  • ओपन साइंस के लाभ:
    • ओपन साइंस ज्ञान को निःशुल्क उपलब्ध कराता है, जिससे अनुसंधान की व्यापकता बढ़ती है और उसका महत्त्व बढ़ता है।
    • ओपन साइंस संस्थाओं और देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है, जिससे संयुक्त परियोजनाएँ संभव हो पाती हैं।
    • ओपन साइंस पारदर्शिता और पुनरावृत्ति को बढ़ावा देता है, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करता है तथा FAIR (अन्वेषण योग्य, सुलभ, अंतर-संचालनीय और पुन: प्रयोज्य) सिद्धांतों के माध्यम से वित्त पोषण के प्रभाव को अधिकतम करता है।
  • ओपन साइंस से संबंधित नैतिक विचार: शोध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये ओपन-एक्सेस प्रकाशन में प्रकाशकों से गहन समीक्षा करने, लेखकों से पारदर्शिता बरतने तथा शोधकर्त्ताओं से नैतिक मानदंडों को बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।
  • खुले विज्ञान पर एआई का प्रभाव: AI डेटा माइनिंग और विश्लेषण को बढ़ावा देता है, ओपन साइंस में सहयोग एवं डेटा साझाकरण को बढ़ावा देता है। 
    • हालाँकि, इससे पूर्वाग्रह और विश्वसनीयता जैसी चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं।
  • ओपन साइंस के लिये चुनौतियाँ: तकनीकी बाधाएँ, संस्थागत प्रतिरोध, आर्थिक बाधाएँ और कानूनी मुद्दे, जैसे बौद्धिक संपदा व डेटा गोपनीयता संबंधी चिंताएँ, व्यापक रूप से ओपन साइंस को अपनाने में बाधा डालती हैं। 

अधिक पढ़ें: राष्ट्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति का प्रारूप 

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