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वैश्विक स्तर पर हिमनदों का तेज़ी से होता विगलन

  • 26 Mar 2025
  • 2 min read

स्रोत: डाउन टू अर्थ 

प्रथम विश्व ग्लेशियर दिवस (21 मार्च 2025) पर, संयुक्त राष्ट्र (UN) की विश्व जल विकास (WWD) रिपोर्ट 2025 में हिंदू कुश हिमालय (HKH) में हिमनदों में होने वाले निवर्तन की गति वर्ष 2011 से वर्ष 2020 की अवधि में 65% बढ़ने का उल्लेख किया गया है।

  • संयुक्त राष्ट्र विश्व जल विकास रिपोर्ट 2025 के मुख्य निष्कर्ष: यदि वैश्विक तापमान 1.5°C-2°C तक बढ़ता है, तो HKH के हिमनदों में वर्ष 2100 तक इनके कुल आयतन का 30-50% का ह्रास हो सकता है, और यदि यह 2°C से अधिक हो जाता है, तो लगभग 45% (वर्ष 2020 के स्तर से) का ह्रास हो सकता है।
  • वर्ष 2100 तक समग्र विश्व के पर्वतीय हिमनदों के द्रव्यमान में 26-41% की कमी हो सकती है, जिससे उच्च उन्नतांश क्षेत्रों में निवास करने वाले 1.1 बिलियन लोग प्रभावित होंगे।
    • ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिससे आकस्मिक बाढ़ और भूस्खलन हो रहा है। 
      • विगत 200 वर्षों में इनके कारण विश्व में 12,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई, तथा वर्ष 2100 तक GLOF का खतरा तीन गुना बढ़ सकता है।
  • विश्व ग्लेशियर दिवस: संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय ग्लेशियर संरक्षण वर्ष (IYGP) घोषित किया है। 
    • यह क्रायोस्फेरिक विज्ञान पर कार्रवाई दशक (2025-2034) की शुरुआत का भी प्रतीक होगा, जिसका उद्देश्य ग्लेशियर संरक्षण प्रयासों को सुदृढ़ करना है।
  • हिंदू कुश हिमालय (HKH): HKH, जिसे "एशिया का जल टॉवर" कहा जाता है, भारत सहित 8 देशों में विस्तरित है, और इसमें चार वैश्विक जैवविविधता हॉटस्पॉट शामिल हैं- हिमालय, इंडो-बर्मा, दक्षिण-पश्चिम चीन और मध्य एशिया। 

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