बाज़ारवाद बनाम कार्यशील महिलाएँ
19 Feb, 2020आवाज़ उठेगी तो मचेगा शोर फिर नई उम्मीदों की होगी भोर। - (“मुलाकरम” नामक लघु कथा से उद्धृत) दहलीज़ से बाहर कदम रखते ही एक महिला अचानक सामाजिक-आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण हो...
आवाज़ उठेगी तो मचेगा शोर फिर नई उम्मीदों की होगी भोर। - (“मुलाकरम” नामक लघु कथा से उद्धृत) दहलीज़ से बाहर कदम रखते ही एक महिला अचानक सामाजिक-आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण हो...
संभावित अनिष्ट की आशंका जिसे रोका या नियंत्रित नहीं किया जा सकता, डर है। डर के तमाम रूप और गुण हैं, पर डर का व्यक्तिनिष्ठ होना उसकी प्रमुख विशेषता है। यानी, हर व्यक्ति के पास...
सीमाओं के विस्तार का जोखिमयुक्त अतिवादी रवैया आक्रामकता है। सीमाएँ हमारे इर्द-गिर्द अनगिनत रूपों और प्रकारों में मौजूद हैं। हमारा जीवन संघर्ष कुछ और नहीं बल्कि इन...
मेरा निजी अनुभव है कि जब तक हम घटिया और दिखावटी चीज़ों को ऊँची कीमत पर खरीद नहीं लेते, तब तक हम यह समझ ही नहीं पाते कि दुनिया की सबसे खूबसूरत और अच्छी चीज़ें तो दरअसल मुफ्त होती...
अभी किचन में गया तो देखा कि RO से बाथरूम की बाल्टी भरी जा रही थी और RO से उतना ही पानी बेकार बह रहा था। मैंने RO का पाइप बाल्टी में डाल दिया, जिससे बेकार बह रहा पानी भी बाल्टी में...
सजीव हों या निर्जीव, सभी के अस्तित्व का कुछ-न-कुछ औचित्य होता है। मनुष्य के संदर्भ में विशेष यह है कि मानसिक उद्विकास ने मनुष्य के जीवन में औचित्य के अतिरिक्त एक अन्य तत्त्व...
‘वीरता’ शब्द के उच्चारण या मनन के साथ ही मन में किसी महाराणा प्रतापनुमा व्यक्ति की छवि उभरती है जो युद्ध के दौरान अकेले बीस शत्रुओं पर भारी पड़ता हो। एक लंबे समय तक...
हम कभी थानेदार या दरोगा दिवस नहीं मनाते हैं। पहलवान दिवस भी नहीं मनाते और न ही अंग्रेज़ी दिवस मनाते हैं। परसाईं जी पहले ही कह चुके हैं ‘दिवस’ हमेशा कमज़ोरों के मनाए जाते...
पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में ट्राइब टूरिज़्म का तेज़ी से विकास हुआ है। परिभाषा की बात करें तो, ट्राइब टूरिज़्म में लोग दूरदराज के जंगलों में रहने वाले वहाँ के...
कनाट प्लेस, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 7 के बाहर चाय की चुस्कियाँ लेते हुए देश-दुनिया के तमाम ज्वलंत मुद्दों पर हम दोनों दोस्तों के बीच गरमा-गरम बहस जारी थी। मसलन,...