किसान दिवस
23 Dec, 2021प्रेमचंद जी द्वारा लिखित कहानी पूस की रात का हल्कू तो आपको याद ही होगा। यह वह लापरवाह किसान है जो ठंड के आगे विवश होकर हार मान लेता है और अपनी फसल जानवरों के हवाले कर देता है।...
प्रेमचंद जी द्वारा लिखित कहानी पूस की रात का हल्कू तो आपको याद ही होगा। यह वह लापरवाह किसान है जो ठंड के आगे विवश होकर हार मान लेता है और अपनी फसल जानवरों के हवाले कर देता है।...
कल्पना मानव मस्तिष्क की सृजनशीलता की पहली कड़ी है। कोई भी विचार, सिद्धांत, आविष्कार चाहे वह आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, विज्ञान एवं तकनीकी, शिक्षा, मूल्य, दर्शन किसी...
कोरोना काल के पहले 2019 की विजयदशमी पर मैं रामेश्वरम गया था। धनुषकोडि से लौटते हुए मैं एक ऊँचे स्थल पर बने विभीषण मंदिर में भी गया। देश का शायद यह अकेला विभीषण मंदिर होगा।...
भाषाओं का भी अपना एक समाज होता है, संस्कृति होती है। भाषाएँ केवल सामाजिक सम्प्रेषण का माध्यम भर नहीं होतीं यह सामाजिक निर्मिति का भी महत्त्वपूर्ण आधार है। समाज भाषा की...
सुप्रसिद्घ कवि रघुवीर सहाय ने लिखा था कि “हिंदी जैसे कि दुजाहू की बीवी”। यानी हिंदी की सराहना तो सब कर लेंगे पर जब उसको उसका सम्मान देने की बात आएगी तो उसके साथ किसी...
हाल में एक विद्यार्थी का संदेश मिला कि यूरोप पर और खास कर रोमन सभ्यता पर हिंदी में एक अच्छी किताब बता दूँ। समस्या यह है कि मैं स्वयं इतिहास की किताबों के लिये अंग्रेज़ी...
धौलावीरा के खंडहरों और इनकी बनावट को देख कर लगता है कि संभवतः यह बस्ती कई बार बनी बिगड़ी। कमसे कम तीन बार। इसीलिये ज़मीन पर जिस तरह की सभ्यता के अवशेष मिलते हैं, वे अलग हैं और...
क्या है धौलावीरा का अर्थ ? दिल्ली का धौलाकुआँ और कच्छ का धौलावीरा के नाम में समानता है। अर्थ में भी है। कच्छी भाषा में वीरा का अर्थ कुआँ होता है और धोला का अर्थ सफ़ेद अर्थात्...
27 जुलाई, 2021 को गुजरात में स्थित धौलावीरा को यूनेस्को द्वारा भारत का 40वाँ विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया। प्राचीन इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वालों के लिये तो यह एक...
इस संसार में समय ही एक ऐसी चीज है जो सभी प्राणियों में समान रूप से वितरित है। चाहे राजा हो या रंक, अमीर हो या गरीब, महिला हो या पुरुष सभी को एक दिन में 24 घंटे ही मिलते हैं। अब...