खेल क्षेत्र में भारत की अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियाँ
29 Aug, 2022भारत में खेल हमारे जीवन का हिस्सा रहा है क्योंकि प्राचीन समय से ही खेल हमें अनुशासन सिखाता रहा है और हमारे कार्यों में निरंतरता लाता है, यह सबसे अच्छे मनोरंजनों में से एक...
भारत में खेल हमारे जीवन का हिस्सा रहा है क्योंकि प्राचीन समय से ही खेल हमें अनुशासन सिखाता रहा है और हमारे कार्यों में निरंतरता लाता है, यह सबसे अच्छे मनोरंजनों में से एक...
इस लेख में हम ग्रामीण भारत की विकास यात्रा के बारे में जानेंगे। करीब साढ़े छह लाख गाँवों के समृद्ध ताने-बाने से बुने भारत के सामाजिक-आर्थिक परिवेश में ग्रामीण क्षेत्रों...
इस लेख में हम आपको आज़ाद भारत की कुछ बड़ी उपलब्धियों के बारे में बताएँगे। अगर हमें किसी ऐसे स्थान पर रख दिया जाए जहाँ सभी तरह की सुविधाएँ हों लेकिन हमसे आज़ादी छीन ली जाए तो...
हमें बचपन से परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों, स्कूल, कॉलेज, जॉब में यही सिखाया जाता है जाता है कि पॉजिटिव रहो, नेगेटिव मत सोचो; पॉजिटिव सोचने के बहुत फ़ायदे हैं। नेगेटिव...
भारत और इंग्लैंड के वर्तमान संबंध भले ही मधुर हों पर दोनों के कटु संबंधों का एक विशाल अतीत भी रहा है। भारत लंबे समय तक ब्रिटिश सत्ता के अधीन रहा और इस दौर की पीड़ा भारतीय...
राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) ने एक पुस्तिका प्रकाशित की है। इसका नाम है– ‘विदुषी’: द इंडियन वूमेन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी । इस...
ख़ून अपना हो या पराया हो नस्ल-ए-आदम का ख़ून है आख़िर जंग मशरिक़ में हो कि मग़रिब में अम्न-ए-आलम का ख़ून है आख़िर साहिर लुधियानवी की इस नज़्म को सार रूप में कहें तो वो कह रहे...
वह 27 फरवरी, 2014 की रात थी। हथियारबंद लोगों ने क्रीमिया में संसद और मंत्रिपरिषद की इमारतों को अपने नियंत्रण में ले लिया और उन पर रूसी झंडे लहरा दिये। अगली सुबह जल्दी ही...
जीवन की सतत गतिशीलता के बीच हम यह सोचना भूल जाते हैं कि हमारा प्रवाह किस दिशा में हो रहा है और इस प्रावहशीलता के क्या मायने हैं। क्या जीवन हमें जी रहा है या हम जीवन को जी रहे...
बीते दिनों अनिल कपूर की ‘नायक’ फिल्म देखी…एक दिन का सीएम। फिल्म में परेश रावल साहब का एक फेमस डायलॉग है….’पॉलिटिक्स एक गटर है’.. ये तो हुई ‘रील’ की बात..पर...