उत्तर प्रदेश Switch to English
मथुरा हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा में हेरिटेज कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है।
मुख्य बिंदु
- कॉरिडोर के बारे में:
- इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
- इसके लिये यमुना एक्सप्रेसवे से बांके बिहारी मंदिर को जोड़ने के लिये 6 किमी. लंबा मिनी लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिससे मथुरा और उसके आसपास के क्षेत्रों में यात्रा अधिक सुगम और सुलभ होगी।
- कॉरिडोर में कन्वेशन सेंटर, कला संस्थान, योग और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, अस्पताल, रिसॉर्ट तथा इलेक्ट्रिक बस डिपो जैसे महत्त्वपूर्ण निर्माण होंगे।
- यह मथुरा को न केवल आध्यात्मिक स्थल के रूप में, बल्कि सांस्कृतिक और स्वास्थ्य पर्यटन के लिये भी प्रमुख केंद्र बनाने सहायक होगा।
मथुरा के बारे में
- परिचय:
- मथुरा ज़िला, जो आगरा मंडल में स्थित है, यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है।
- इस ज़िले की सीमाएँ उत्तर-पूर्व में अलीगढ़, दक्षिण-पूर्व में हाथरस, दक्षिण में आगरा, पश्चिम में राजस्थान और उत्तर-पश्चिम में हरियाणा से मिलती हैं।
- मथुरा एक प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थल है और इसे भगवान कृष्ण का जन्मस्थान और गृहनगर माना जाता है।
- इतिहास:
- मथुरा का सबसे पुराना उल्लेख भारतीय महाकाव्य रामायण में है। इसमें मथुरा को मधुपुर या मधुदानव का नगर कहा गया है तथा यहाँ लवणासुर की राजधानी बताई गई है।
- छठी शताब्दी ईसा पूर्व में मथुरा शूरसेन साम्राज्य की राजधानी बन गई।
- तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में मेगस्थनीज ने मथुरा का उल्लेख "मेथोरा" नाम से किया था।
- कुषाणों ने मथुरा को अपनी राजधानी बनाया। कुषाण साम्राज्य के तहत मथुरा में कला और संस्कृति का उत्कर्ष हुआ।
- मथुरा रिफाइनरी
- यह इंडियनऑयल की छठी रिफाइनरी है, जिसे 1982 में 6.0 MMTPA क्षमता के साथ देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिये शुरू किया गया था।
- राष्ट्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान: मखदूम, मथुरा में स्थित है।
- एक ज़िला एक उत्पाद: सैनिटरी फिटिंग
- दर्शनीय स्थल
- मथुरा संग्रहालय
- कृष्ण जन्म भूमि
- द्वारकाधीश मंदिर
- बाँकेबिहारी मंदिर
- गोवर्धन