राजस्थान
राजस्थान में किसानों के लिये सब्सिडी
- 27 Mar 2025
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चर्चा में क्यों?
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने किसानों के लिये नए लाभ और सब्सिडी की घोषणा की, जिसमें 30,000 कृषकों के लिये 137 करोड़ रुपए की अनुदान राशि शामिल है।
- उन्होंने कृषि योजनाओं और पशुधन स्वास्थ्य देखभाल के लिये संशोधित दिशानिर्देश भी जारी किये, जिसमें छोटे और सीमांत किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे राज्य की प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
प्रमुख बिंदु
- नवीन पहलों की शुरुआत:
- मुख्यमंत्री ने बीकानेर में आयोजित किसान सम्मेलन एवं किसान उत्पादक संगठन (FPO) कार्यक्रम में नवीन कृषि पहलों की घोषणा की।
- इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में वृद्धि, मंगल पशु बीमा योजना का विस्तार तथा जैविक खेती एवं बागवानी को बढ़ावा देने के लिये नये दिशानिर्देश शामिल हैं।
- उन्होंने किसानों को कल्याणकारी योजनाओं के चेक वितरित किये और उन्हें सामूहिक खेती के माध्यम से अधिक आय के अवसर प्राप्त करने के लिये FPOs से जुड़ने हेतु प्रोत्साहित किया।
- खाद्य सुरक्षा और वित्तीय सहायता:
- राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 72 लाख से अधिक किसानों को 1,400 करोड़ रुपए अंतरित किये।
- 47 लाख किसानों को 29,000 करोड़ रुपए के ब्याज-मुक्त फसल ऋण प्रदान किये।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 3,000 करोड़ रुपए की बीमा राशि वितरित की गई।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
- इस योजना के अंतर्गत, केंद्र सरकार सभी भूमिधारी किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि तीन समान किश्तों में सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित करती है।
- यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी।
- यह एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसे भारत सरकार द्वारा 100% वित्तपोषित किया जाता है।
- इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
- लाभार्थी किसान परिवारों की पहचान की पूरी ज़िम्मेदारी राज्य / केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की होती है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
- परिचय:
- यह योजना वर्ष 2016 में शुरू की गई थी और इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रशासित किया जा रहा है।
- इसने राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (NAIS) और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (MNAIS) का स्थान लिया।
- पात्रता:
- अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों की खेती करने वाले किसान, जिनमें बटाईदार और काश्तकार किसान भी शामिल हैं, इस योजना के अंतर्गत कवर किये जाते हैं।