छत्तीसगढ़
अंतरिक्ष विकास के लिये छत्तीसगढ़ ने इसरो के साथ समझौता किया
- 26 Feb 2025
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चर्चा में क्यों?
छत्तीसगढ़ सरकार ने शासन, कृषि, पर्यावरण प्रबंधन और आपदा तैयारी के लिये अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करने हेतु प्रमुख क्षेत्रों में उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को लागू करने के लिये भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ साझेदारी की है।
मुख्य बिंदु
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह सहयोग प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने, संसाधन प्रबंधन को अनुकूलित करने और राज्य की प्रगति में तेज़ी लाने के लिये वैज्ञानिक प्रगति को बढ़ावा देगा।
- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के एकीकरण से किसानों को सक्षमता मिलेगी, जलवायु अनुकूलन रणनीतियों में सुधार होगा तथा वैज्ञानिक प्रगति और वास्तविक दुनिया में कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटा जा सकेगा।
- कृषि: परिशुद्ध खेती, फसल निगरानी और जलवायु अनुकूल रणनीतियाँ बनाने में सहायक।
- मृदा स्वास्थ्य आकलन: सटीक मृदा आँकड़ों के साथ कृषि उत्पादकता बढ़ाना।
- जल संसाधन मानचित्रण: नदियों और भूजल का सतत् प्रबंधन सुनिश्चित करना।
- आपदा तैयारी: बाढ़, सूखा और जलवायु विसंगतियों के लिये पूर्व चेतावनी प्रणाली।
- स्मार्ट गवर्नेंस: कुशल निर्णय लेने के लिये स्थान-आधारित समाधान का कार्यान्वयन।
- पर्यावरण संरक्षण: वनों की कटाई और अवैध भूमि अतिक्रमण को रोकने के लिये वास्तविक समय उपग्रह निगरानी।
- शहरी नियोजन: स्थानिक विश्लेषण के माध्यम से स्मार्ट शहर विकास और परिवहन मॉडल का समर्थन करना।
- वैज्ञानिक सशक्तीकरण: अनुसंधान संस्थानों और युवा वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों में अवसर प्रदान करना।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO):
- परिचय
- इसरो भारत की अंतरिक्ष एजेंसी है। यह संगठन भारत और मानव जाति के लिये बाहरी अंतरिक्ष के लाभों को प्राप्त करने के लिये विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में शामिल है।
- इसरो भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग (DOS) का एक प्रमुख घटक है। यह विभाग मुख्य रूप से इसरो के विभिन्न केंद्रों या इकाइयों के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को क्रियान्वित करता है।
- इसरो पहले भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (INCOSPAR) था, जिसकी स्थापना वर्ष 1962 में भारत सरकार द्वारा डॉ. विक्रम ए. साराभाई की परिकल्पना के अनुसार की गई थी।
- इसरो का गठन 15 अगस्त, 1969 को हुआ था और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिये इसकी भूमिका को विस्तारित करते हुए INCOSPAR का स्थान लिया गया था।
- 1972 में DOS की स्थापना की गई तथा इसरो को DOS के अधीन लाया गया।
- उद्देश्य:
- इसरो का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राष्ट्रीय आवश्यकताओं के लिये अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का विकास और अनुप्रयोग करना है।
- इसरो ने संचार, टेलीविज़न प्रसारण और मौसम संबंधी सेवाओं, संसाधनों की निगरानी और प्रबंधन, अंतरिक्ष आधारित नेविगेशन सेवाओं के लिये एक प्रमुख अंतरिक्ष प्रणाली स्थापित की है।
- इसरो ने उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षाओं में स्थापित करने के लिये उपग्रह प्रक्षेपण वाहन, पीएसएलवी और जीएसएलवी विकसित किये हैं।