समकारी लेवी को समाप्त करने का प्रस्ताव | 26 Mar 2025
स्रोत: द हिंदू
केंद्र सरकार ने समकारी लेवी (Equalisation Levy) को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे गूगल, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और मेटा जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों पर विज्ञापनदाताओं को कर का बोझ कम होने से लाभ होगा।
समकारी लेवी (डिजिटल सेवा कर):
- परिचय: वर्ष 2016 में शुरू की गई समकारी लेवी, भारत में डिजिटल लेनदेन से उत्पन्न आय पर कर लगाने के लिये विदेशी डिजिटल सेवा प्रदाताओं पर लगाया गया एक प्रत्यक्ष कर है।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य भारत में भौतिक उपस्थिति नहीं रखने वाले डिजिटल व्यवसायों के लिये उचित कराधान सुनिश्चित करना है, जो कर से बचने पर अंकुश लगाने के लिये BEPS (आधार क्षरण और लाभ स्थानांतरण) कार्य योजना के साथ संरेखित है।
- प्रयोज्यता: यह सेवा प्राप्तकर्त्ता द्वारा भुगतान के समय आहरित किया जाता है यदि:
- भुगतान एक अनिवासी सेवा प्रदाता को किया जाता है।
- एक वित्तीय वर्ष में एकल प्रदाता को वार्षिक भुगतान 1,00,000 रुपए से अधिक है।
- कवर की गई सेवाएँ और कर की दरें: समकारी लेवी शुरू में ऑनलाइन विज्ञापनों (6%) पर लागू होती थी और इसे वर्ष 2020 में डिजिटल सेवाओं और ई-कॉमर्स (2%) को कवर करने के लिये विस्तारित किया गया था, जिसे अगस्त 2024 में समाप्त कर दिया गया।
- छूट: यदि अनिवासी का भारत में स्थायी कार्यालय है, भुगतान 1 लाख रुपए से कम है, या आय दोहरे कराधान को रोकने के लिये धारा 10(50) के अंतर्गत आती है तो यह लागू नहीं होती है।
- तकनीकी सेवाओं के लिये रॉयल्टी या शुल्क के रूप में कर योग्य आय को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
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