रैपिड फायर
हाइड्रोजन परॉक्साइड
- 13 Mar 2025
- 2 min read
स्रोत: पी.आई.बी.
शोधकर्त्ताओं ने हाइड्रोजन परॉक्साइड (H₂O₂) को संश्लेषित करने हेतु एक कुशल, पर्यावरण-अनुकूल एवं ऊर्जा-दक्ष विधि विकसित की है।
हाइड्रोजन परॉक्साइड (H₂O₂) :
- यह कमरे के तापमान पर कड़वा स्वाद वाला एक रंगहीन तरल है, अत्यधिक अस्थिर है, और ऑक्सीजन और जल में विघटित होकर ऊष्मा का उत्सर्जन करता है।
- इसका उपयोग घावों के लिये एंटीसेप्टिक (तरल घोल) और अस्पतालों और क्लीनिकों में कीटाणुनाशक के रूप में किया जाता है।
- औद्योगिक उपयोग: कागज, कपड़ा और कॉस्मेटिक उद्योगों में विरंजन एजेंट के रूप में।
- रॉकेट प्रणोदन: उच्च सांद्रता वाले H₂O₂ का उपयोग प्रणोदक के रूप में किया जाता है।
- रासायनिक अनुप्रयोग: स्टेरिलाइज़ेशन हेतु खाद्य प्रसंस्करण में।
- खतरे: यह एक प्रबल ऑक्सीकारक है जिससे यह दहनशील पदार्थों के साथ स्वतः प्रज्वलन का कारण बन सकता है।
- परॉक्साइड रसायन कार्बनिक यौगिक होते हैं जिनमें एक परॉक्साइड कार्यात्मक समूह ( दो जुड़े हुए ऑक्सीजन परमाणु ) होता है।