रैपिड फायर
KV और JNV में ऐस्बेस्टॉस पर प्रतिबंध
- 02 Apr 2025
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स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस
शिक्षा मंत्रालय ने स्वास्थ्य पर ऐस्बेस्टॉस के गंभीर खतरों के कारण केंद्रीय विद्यालयों (KV) और जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNV) के निर्माण और नवीनीकरण में इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
- ऐस्बेस्टॉस के परिसंकटमय प्रभावों के कारण 65 से अधिक देशों ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस उपाय का उद्देश्य बच्चों के लिये कैंसर मुक्त और हानि रहित अधिगम परिवेश का निर्माण करना है।
- ऐस्बेस्टॉस: यह प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला खनिज फाइबर है जो ऊष्णता और संक्षारण प्रतिरोध के लिये जाना जाता है। इसके छह मुख्य रूपों में से, क्राइसोटाइल (सफेद ऐस्बेस्टॉस) निर्माण और ऑटोमोबाइल उद्योग में सर्वाधिक उपयोग में लाया जाता है।
- स्वास्थ्य प्रभाव: ऐस्बेस्टॉस समूह 1 कार्सिनोजेन है, जो फेफड़ों के कैंसर, मेसोथेलियोमा (फुफ्फुस और पेरिटोनियल अस्तर को प्रभावित करने वाला कैंसर) और दीर्घकालिक श्वसन रोगों का कारण बनता है।
- ऐस्बेस्टॉस के संपर्क में आने से प्रतिवर्ष 200,000 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु होती है।
- भारत में ऐस्बेस्टॉस: कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत, ऐस्बेस्टॉस का विनिर्माण, संचालन और प्रसंस्करण परिसंकटमय के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- भारत ने ऐस्बेस्टॉस खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन ऐस्बेस्टॉस-सीमेंट रूफिंग के लिये क्राइसोटाइल का आयात और प्रसंस्करण जारी रखा है।