भारत-नेपाल साहित्य महोत्सव | 02 Apr 2025

चर्चा में क्यों?

उत्तर प्रदेश के वृंदावन (मथुरा) में तीन दिवसीय भारत-नेपाल साहित्य महोत्सव का आयोजन किया गया।

मुख्य बिंदु

  • उत्सव के बारे में:
    • यह आयोजन उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सहायक संस्था गीता शोध संस्थान और क्रांति धरा साहित्य अकादमी, मेरठ द्वारा आयोजित किया गया। 
    • इस महोत्सव में भारत और नेपाल के 180 से अधिक साहित्यकार, लेखक, पत्रकार और शिक्षाविद् शामिल हुए। 
    • इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित और संवर्द्धित करना था।
  • महत्त्व:
    • साहित्य और संस्कृति के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन मिला।
    • भारत और नेपाल के साहित्यकारों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिला।
    • पारंपरिक और समकालीन साहित्य को एक नई दिशा मिली।

भारत -नेपाल संबंध 

  • पड़ोसी के रूप में भारत और नेपाल मित्रता एवं सहयोग के अनूठे संबंधों को साझा करते हैं, जिसकी विशेषता एक खुली सीमा, दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तेदारी तथा मज़बूत सांस्कृतिक संबंध है।
  • नेपाल के व्यापारिक व्यापार में लगभग दो-तिहाई तथा सेवाओं के व्यापार में लगभग एक-तिहाई योगदान भारत का है।
  • बटालियन स्तर पर संयुक्त सैन्य अभ्यास, 'सूर्य किरण', भारत तथा नेपाल दोनों देशों में क्रमिक आधार आयोजित किया जाता है। 
  • भारत तराई क्षेत्र में 10 सड़कों को उन्नत करके, जोगबनी-विराटनगर तथा जयनगर-बर्दीबास में सीमा पार रेल संपर्क स्थापित करके एवं बीरगंज, विराटनगर, भैरहवा व नेपालगंज जैसे प्रमुख स्थानों पर एकीकृत चेक पोस्ट स्थापित करके नेपाल की मुख्य रूप से सहायता की।
  • भारत ने काठमांडू-वाराणसी, लुंबिनी-बोधगया और जनकपुर-अयोध्या को जोड़ने के लिये तीन सिस्टर-सिटी समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं।