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राजस्थान

गणगौर महोत्सव

  • 03 Apr 2025
  • 2 min read

चर्चा में क्यों?

गणगौर महोत्सव हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार गणगौर महोत्सव 31 मार्च, 2025 को मनाया गया। 

मुख्य बिंदु

  • महोत्सव के बारे में:
    • गणगौर राजस्थान में विभिन्न रूपों में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है, जो हर साल चैत्र माह (हिंदू कैलेंडर का पहला महीना) में मनाया जाता है।
    • "गण" भगवान शिव को और "गौरी" या "गौर" देवी पार्वती को दर्शाता है।
    • यह पर्व मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा मनाया जाता है, जिसमें वे सुखी दांपत्य जीवन, अखंड सौभाग्य और संतान सुख की प्राप्ति के लिये माता गौरी और भगवान शिव की पूजा करती हैं।
    • यह त्योहार राजस्थानी संस्कृति और महिलाओं की अपने पतियों के प्रति समर्पण को दर्शाता है। 
  • गणगौर नृत्य 
    • यह राजस्थान और मध्यप्रदेश का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसमें कन्याएँ एक-दूसरे का हाथ पकड़कर वृत्ताकार घेरे में घूमते हुए गौरी माँ से अपने पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। 
    • इस नृत्य के गीतों में शिव-पार्वती, ब्रह्मा-सावित्री और विष्णु-लक्ष्मी की महिमा और प्रशंसा की गाथाएँ गाई जाती हैं।

हिंदू सौर कैलेंडर (शक संवत): 

  • शक संवत का शून्य वर्ष 78 ई. है।
  • इसकी शुरुआत शक शासकों द्वारा कुषाणों पर अपनी विजय को चिह्नित करने के लिये की गई थी।
  • यह एक सौर कैलेंडर है, इसकी तिथि निर्धारण प्रणाली पृथ्वी द्वारा सूर्य के चारों और एक चक्कर पूरा करने में लगने वाले समय यानी लगभग 365 1/4 दिनों के मौसमी वर्ष पर आधारित है।
  • इसे भारत सरकार द्वारा वर्ष 1957 में आधिकारिक कैलेंडर के रूप में अपनाया गया था।
  • इसमें प्रत्येक वर्ष में 365 दिन होते हैं।

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