हरियाणा
ED ने हरियाणा में क्रिप्टोकरेंसी ज़ब्त की
- 28 Feb 2025
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चर्चा में क्यों?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक निवेश घोटाले से संबंधित हरियाणा में छह स्थानों पर तलाशी के बाद 17.20 करोड़ रुपए की क्रिप्टोकरेंसी ज़ब्त की।
मुख्य बिंदु
- क्रिप्टोकरेंसी की ज़ब्ती:
- ED को पता चला कि क्रिप्टोकरेंसी कई वॉलेट्स में संगृहीत थी।
- कथित मास्टरमाइंड और उसके सहयोगी इन वॉलेट्स के मालिक थे और उनका प्रबंधन करते थे।
- अधिकारियों ने तलाशी के दौरान कई मोबाइल फोन ज़ब्त किये, जिनमें क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट तक पहुँचने के लिये इस्तेमाल किये जाने वाले कई ऐप थे।
- जाँच का आधार:
- यह जाँच हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) पर आधारित है।
- एक पीड़ित की शिकायत ने भी जाँच शुरू करने में मदद की।
प्रवर्तन निदेशालय (ED)
- ED एक बहु-विषयक संगठन है, जिसका कार्य धन शोधन और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन के अपराधों की जाँच करना है।
- यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन कार्य करता है।
- भारत सरकार की एक प्रमुख वित्तीय जाँच एजेंसी के रूप में, ED भारत के संविधान और कानूनों का कड़ाई से अनुपालन करते हुए कार्य करती है।
- प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR)
- प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) एक लिखित दस्तावेज़ है, जो पुलिस द्वारा तब तैयार किया जाता है जब उन्हें किसी संज्ञेय अपराध के घटित होने की सूचना प्राप्त होती है।
- संज्ञेय अपराध वह है, जिसमें पुलिस किसी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
- FIR शब्द को भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC), 1973 या किसी अन्य कानून में परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस विनियमों या नियमों में, CRPC की धारा 154 के तहत दर्ज की गई जानकारी को प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के रूप में जाना जाता है।