झारखंड
झारखंड में सांप्रदायिक हिंसा
- 27 Feb 2025
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चर्चा में क्यों?
झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले में 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि की सजावट और लाउडस्पीकर लगाने को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदायों में झड़प हो गई।
- हिंसक झड़प के दौरान दोनों पक्षों ने पथराव किया, कई दुकानों और वाहनों को आग लगा दी।
मुख्य बिंदु
- हज़ारीबाग में सांप्रदायिक झड़प:
- यह झड़प डुमरोआं गाँव में हुई। जिसमें कई लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिये हज़ारीबाग सदर अस्पताल ले जाया गया।
- पुलिस के अनुसार, मुसलमानों ने हिंदुस्तान चौक पर महाशिवरात्रि के झंडे लगाने और ध्वनि प्रणाली लगाने का विरोध किया।
- दोनों समुदायों के बीच बहस बढ़ गई और निकटवर्ती मदरसे से पथराव शुरू हो गया।
- जवाबी कार्रवाई में हिंदुओं ने भी विरोधी पक्ष पर पत्थर फेंके।
- आधिकारिक वक्तव्य:
- अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और भाईचारे के साथ महाशिवरात्रि मनाने का आग्रह किया।
- उन्होंने आश्वासन दिया कि घटनास्थल पर पुलिस तैनात है, स्थिति नियंत्रण में है तथा ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सांप्रदायिक हिंसा
- भारतीय दंड संहिता (IPC) सांप्रदायिक हिंसा को किसी भी ऐसे कृत्य के रूप में परिभाषित करती है जो धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देता है और सद्भाव बनाए रखने के लिये प्रतिकूल कार्य करता है।
- सांप्रदायिक हिंसा पर BNS प्रावधान:
- भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 का उद्देश्य विभिन्न आधारों पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी और घृणा को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को रोकना और दंडित करना है।
- यह ऐसे कृत्यों के लिये कारावास और जुर्माने का प्रावधान करके सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करता है, विशेषकर जब ये कृत्य पूजा स्थलों या धार्मिक समारोहों के दौरान होते हैं।