बाल महोत्सव ‘आजू गूजा’ | 28 Feb 2025

चर्चा में क्यों?

22-23 फरवरी 2025 को राजस्थान के बीकानेर में बच्चों के लिये पहले बाल महोत्सव ‘आजू गूजा’ का आयोजन किया गया।

मुख्य बिंदु

  • महोत्सव के बारे में:
  • कला और शिल्प गतिविधियाँ
    • महोत्सव में पपेट्री, स्टोरी टेलिंग, थिएटर, चित्रकला, माइम, क्लाउन एक्ट, जादूगर शो, वेंट्रिलोक्विज़्म, कावड़, बायोस्कोप, लोक संगीत और नृत्य जैसी गतिविधियों ने बच्चों का भरपूर मनोरंजन किया।
    • महोत्सव में विभिन्न प्रकाशकों द्वारा बाल साहित्य पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिनमें प्रथम, नेशनल बुक ट्रस्ट, एकलव्य, अमर चित्र कथा, आदिदेव, राज कॉमिक्स और कॉलास्टिक प्रमुख रहे।

बीकानेर के बारे में 

  • स्थापना:
    • बीकानेर की स्थापना सन् 1488 ई. में, राठौड़ राजकुमार राव बीकाजी ने की थी। 
  • भौगोलिक स्थिति
    • अक्षांश 28.01° उत्तर और रेखांश 73.9° पूर्व पर स्थित।
  • भौगोलिक विशेषता:
    • रेगिस्तानी ज़िला, उत्तर-पूर्व राजस्थान में स्थित। 
    • बीकानेर में कोई नदी नहीं है।
  • सीमाएँ:
    • उत्तर: श्रीगंगानगर।
    • पश्चिम: जैसलमेर और पाकिस्तान।
    • पूर्व: चुरु और श्री डुंगरगढ़।
    • दक्षिण-पूर्व: नागौर और जोधपुर।
  • दर्शनीय स्थल:
    • करणी माता का मंदिर: चूहों के मंदिर के रूप में प्रसिद्ध।
    • मुकाम मंदिर: बिश्नोई सम्प्रदाय का मुख्य धार्मिक स्थल।
    • जूनागढ़ किला: राजस्थान के सबसे सुंदर किलों में से एक।
    • भांडशाह जैन मंदिर: शहरी परकोटे के भीतर स्थित प्राचीन जैन मंदिर।
    • लूणकरनसर - खारे पानी की झील।
    • गजनेर अभयारण्य - बटबट(इम्पीरियल सेंडगाउज, रेत का तीतर) पक्षी तथा जंगली सुअर के लिये प्रसिद्ध है।
  •  सभ्यताएँ: 
    • सोथी, पूंगल, डाडाथोरा प्राचिन सभ्यताएँ बीकानेर में है।
  • ऊँट अनुसंधान केंद्र:
    • दुनियाँ का सबसे बड़ा ऊँट अनुसंधान और प्रजनन केंद्र बीकानेर (1984) में है।