AI जनित सामग्री पर वॉटरमार्किंग | 16 Aug 2024

स्रोत : टाइम्स ऑफ इंडिया

चर्चा में क्यों?

हाल ही में चैटजीपीटी-निर्माता ओपनएआई ने यह पता लगाने के लिये एक उपकरण विकसित किया है कि क्या उसके AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) चैटबॉट का उपयोग निबंध, शोध पत्र लिखने या फोटो बनाने के लिये किया गया है। 

  • ऐसी सामग्री की प्रामाणिकता और स्वामित्व से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिये, ओपनएआई, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एडोब जैसी प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियाँ वॉटरमार्किंग तकनीक विकसित और कार्यान्वित कर रही हैं।

AI जनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्किंग क्या है?

  • परिचय:
    • AI वॉटरमार्किंग तकनीक का उपयोग यह पहचानने के लिये किया जाता है कि कॉन्टेंट AI-जनरेटेड है या वास्तविक/मूल रूप से सृजित है।
      • यह एक डिजिटल हस्ताक्षर है, जो फिंगरप्रिंट की तरह एक अद्वितीय पहचानकर्त्ता के रूप में कार्य करता है, जिससे कंटेंट क्रिएट करने के लिये उपयोग किये जाने वाले AI मॉडल को उसके ओरिजिन तक वापस ट्रेस किया जा सकता है।
  • वॉटरमार्किंग की आवश्यकता:
    • प्रमाणीकरण और सत्यापन: यह डिजिटल फाइलों की प्रामाणिकता को सत्यापित करने के लिये एक विश्वसनीय तरीका प्रदान करता है, जो डिजिटल रूप से संचालित दुनिया में डीपफेक वीडियो, हेरफेर की गई छवियों और भ्रामक मीडिया का मुकाबला करने में महत्त्वपूर्ण है।
    • टैम्पर-एविडेंट रिकॉर्ड: ब्लॉकचेन और सार्वजनिक कुंजी अवसंरचना (Public Key Infrastructure) के साथ AI वॉटरमार्किंग को एकीकृत करना सुनिश्चित करता है कि कंटेंट को बदलने या हेरफेर करने के किसी भी प्रयास का पता लगाया जा सके, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड की अखंडता बनी रहे।
    • भरोसा और विश्वास: मीडिया की प्रामाणिकता सुनिश्चित करके AI वॉटरमार्किंग सामग्री निर्माताओं, वितरकों और उपभोक्ताओं को गलत सूचना व ज़ालसाजी से निपटने में मदद करता है, जिससे कंटेंट के स्रोत के संदर्भ में विश्वास तथा समझ बढ़ती है।
  • AI प्रामाणिकता सुनिश्चित करने हेतु कदम: 
    • सामग्री उद्गम और प्रामाणिकता गठबंधन (C2PA): ऑडियो-विजुअल सामग्री की प्रामाणिकता के सत्यापन के लिये मानक स्थापित करने हेतु एडोब, इंटेल, माइक्रोसॉफ्ट, सोनी और अन्य अग्रणी फर्मों के बीच सहयोग।
    • ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी का उपयोग: ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी डिजिटल परिसंपत्ति के स्वामित्व और उद्गम का अपरिवर्तनीय, सार्वजनिक रूप से सुलभ रिकॉर्ड प्रदान करके पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।
    • एथेरियम सुधार प्रस्ताव: इस परियोजना में सुरक्षा एवं पारदर्शिता में सुधार करने के लिये ब्लॉकचेन तकनीक का लाभ उठाते हुए AI और ML (मशीन लर्निंग) डेटा माइनिंग के लिये सामग्री सहमति सहित C2PA अनुमति डेटा को जोड़ने का प्रस्ताव है, जिसमें ऑन-चेन मेटाडेटा में डेटा खनन शामिल है।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQ)  

प्रश्न. विकास की वर्तमान स्थिति के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता निम्नलिखित में से कौन-से कार्य प्रभावी ढंग से कर सकती है? (2020)

  1. औद्योगिक इकाइयों में बिजली की खपत को कम करना
  2. सार्थक लघु कथाएँ और गीत की रचना
  3. रोग निदान
  4. टेक्स्ट-टू-स्पीच रूपांतरण
  5. विद्युत ऊर्जा का वायरलेस संचरण

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1, 2, 3 और 5
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2, 4 और 5
(d) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर: (b)