जल-थल और साइबरस्पेस अभियानों हेतु संयुक्त सिद्धांत | 19 Sep 2024
स्रोत: पी.आई.बी
चर्चा में क्यों?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (COSC) की बैठक के दौरान जल-थल अभियानों के लिये संयुक्त सिद्धांत जारी किया।
- इससे पहले CDS ने साइबरस्पेस अभियानों के लिये संयुक्त सिद्धांत जारी किया था।
जल-थल और साइबरस्पेस अभियानों के लिये संयुक्त सिद्धांत क्या हैं?
- जल-थल अभियान: यह सिद्धांत एक प्रमुख प्रकाशन है जो कमांडरों को जटिल सैन्य वातावरण में जल-थल अभियानों के संचालन के लिये मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
- जल-थल क्षमता सशस्त्र बलों को युद्ध और शांति दोनों के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में कई तरह के सैन्य अभियान चलाने की शक्ति प्रदान करती है।
- ये सैन्य अभियान बहु-क्षेत्रीय सैन्य परिचालनों का एक महत्त्वपूर्ण घटक हैं और सशस्त्र बलों के बीच सामंजस्य तथा एकीकरण का सबसे अच्छा उदाहरण हैं।
- साइबरस्पेस अभियान: साइबरस्पेस सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) प्रणालियों सहित संस्थाओं का वैश्विक नेटवर्क है, जो डिजिटल सूचना तथा कोड को संसाधित, संग्रहीत एवं संचारित करता है, चाहे वे जुड़े हों या स्वतंत्र हों।
- युद्ध के पारंपरिक क्षेत्र- भूमि, समुद्र और वायु सहित युद्ध के पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा, साइबरस्पेस आधुनिक युद्ध में एक महत्त्वपूर्ण तथा चुनौतीपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभरा है। जिसके लिये समर्पित ध्यान एवं रणनीति की आवश्यकता है।
- यह सिद्धांत साइबरस्पेस संचालन के सैन्य पहलुओं को समझने पर ज़ोर देता है और साइबरस्पेस में संचालन की योजना बनाने तथा संचालन में कमांडरों, स्टॉफ और कर्मियों को वैचारिक मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसके अलावा यह सभी स्तरों पर हमारे सैनिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिये भी कारगर है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)
- पृष्ठभूमि:
- इसके निर्माण की सिफारिश वर्ष 2001 में मंत्रियों के एक समूह (GoM) द्वारा की गई थी जिसे कारगिल समीक्षा समिति (1999) की रिपोर्ट का अध्ययन करने का काम सौंपा गया था।
- GoM की सिफारिशों के बाद CDS के पद की स्थापना हेतु सरकार ने वर्ष 2002 में एकीकृत रक्षा स्टाफ बनाया, जिसे अंततः CDS के सचिवालय के रूप में काम करना था।
- वर्ष 2012 में नरेश चंद्र समिति ने CDS पर आशंकाओं को खत्म करने के लिये चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति की सिफारिश की थी।
- अंत में CDS का पद वर्ष 2019 में लेफ्टिनेंट जनरल डी.बी. शेकटकर की अध्यक्षता में रक्षा विशेषज्ञों की समिति की सिफारिशों पर बनाया गया था।
- जनरल बिपिन रावत देश के पहले CDS थे और उन्हें 31 दिसंबर, 2019 को नियुक्त किया गया था।
- नियम और जिम्मेदारियाँ:
- वह रक्षा मंत्रालय में नवनिर्मित सैन्य मामलों के विभाग (DMA) का प्रमुख है।
- वह सेना के तीनों अंगों के मामले में रक्षा मंत्री के प्रमुख सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य करेगा, लेकिन इसके साथ ही तीनों सेनाओं के अध्यक्ष रक्षा मंत्री को अपनी सेनाओं के संबंध में सलाह देना जारी रखेंगे।
- DMA के प्रमुख के तौर पर CDS को चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष के रूप में अंतर-सेवा खरीद निर्णयों को प्राथमिकता देने का अधिकार प्राप्त है।
- CDS को तीनों प्रमुखों को निर्देश देने का अधिकार भी दिया गया है।
- हालाँकि उसे सेना के किसी भी कमांड का अधिकार प्राप्त नहीं है।
- CDS का पद समकक्षों में प्रथम है, उसे DoD (रक्षा विभाग) के भीतर सचिव का पद प्राप्त है और उसकी शक्तियांँ केवल राजस्व बजट तक ही सीमित रहेंगी।
- वह परमाणु कमान प्राधिकरण (NCA) में सलाहकार की भूमिका भी निभाएगा।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा विगत वर्ष के प्रश्नप्रश्न. भारतीय रक्षा के संदर्भ में 'ध्रुव' क्या है? (2008) (a) विमान ले जाने वाला युद्धपोत उत्तर: (c) प्रश्न: भारतीय रक्षा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2009)
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (a) केवल 1 उत्तर: (d) |