रैपिड फायर
ऑस्ट्रेलियाई प्रवाल भित्तियों में प्रवाल विरंजन
- 02 Apr 2025
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स्रोत: द हिंदू
जलवायु परिवर्तन के कारण लंबे समय से जारी मरीन हीटवेव के कारण ऑस्ट्रेलिया के निंगलू रीफ और ग्रेट बैरियर रीफ सामूहिक प्रवाल विरंजन का सामना कर रहे हैं।
प्रवाल विरंजन
- यह पर्यावरणीय तनाव, मुख्य रूप से सागरीय तापमान में वृद्धि के कारण प्रवाल के रंग का नष्ट होना (श्वेत हो जाना) है, जिसके कारण प्रवाल पोषक तत्त्व और रंग प्रदान करने वाले सहजीवी शैवाल (जूक्सैन्थेला) को बाहर निकाल देते हैं।
- वर्ष 2023 के बाद से प्रवाल विरंजन में 83.6% की वृद्धि हुई है, तथा 81 देशों में प्रवाल विरंजन की घटना रिपोर्ट की गई है।
ग्रेट बैरियर रीफ:
- यह विश्व की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति है, जो ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड से 2,300 किमी तक फैली हुई है।
- वर्ष 1981 से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल यह स्थल डुगोंग और ग्रीन टर्टल जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों का आश्रय स्थल है।
निंगलू रीफ:
- निंगलू रीफ (वर्ष 2011 से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल) ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट पर 300 किलोमीटर लंबी एक तटीय रीफ है।
- फ्रिंजिंग रीफ वे प्रवाल भित्तियाँ हैं जो समुद्रतटों या द्वीपों के किनारे बनती हैं, तथा तट से इनकी दूरी बहुत कम या न के बराबर होती है।
- निंगलू तट में समृद्ध जैवविविधता, गहन सागरीय पर्यावास, कार्स्ट गुफाएँ और केप रेंज परिदृश्य मौजूद हैं।
- यहाँ प्रतिवर्ष 300-500 व्हेल शार्क और एक्समाउथ स्पाइनी-टेल्ड गेको, वेस्टर्न नेटेड ड्रैगन और वेस्ट कोस्ट बैंडेड स्नेक जैसी अद्वितीय स्थानिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
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