ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान -C54 | 28 Nov 2022
प्रिलिम्स के लिये:प्रक्षेपण यान, SRO, PSLV, EOS, INS-2B, भारत-भूटान उपग्रह, एस्ट्रोकास्ट, आनंद। मेन्स के लिये:अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, INS-2B, EOS-6 और महत्त्व। |
चर्चा में क्यों?
हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation- ISRO) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (Polar Satellite Launch Vehicle- PSLV) C54 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है।
- यह PSLV की 56वीं उड़ान थी, जो PSLV-C54 रॉकेट के लिये वर्ष का अंतिम मिशन है।
प्रक्षेपित किये गए उपग्रह
- भूटान हेतु नैनो उपग्रह- 2 (INS- 2B):
- परिचय:
- INS-2B उपग्रह दो पेलोड के साथ भारत और भूटान के बीच एक सहयोगी मिशन है।
- NanoMx, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (Space Applications Centre- SAC) द्वारा विकसित एक मल्टीस्पेक्ट्रल ऑप्टिकल इमेजिंग पेलोड है।
- APRS-डिजिपीटर जिसे DITT-भूटान और URSC द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है, सफलतापूर्वक तैनात किया गया।
- INS-2B उपग्रह दो पेलोड के साथ भारत और भूटान के बीच एक सहयोगी मिशन है।
- INS-2B का महत्त्व:
- यह देश के प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिये भूटान को उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली छवियाँ प्रदान करेगा।
- नए उपग्रह का प्रक्षेपण भूटान के विकास के लिये ICT और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सहित उन्नत प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की भूटानी राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की योजनाओं का समर्थन करने के भारत के प्रयासों का हिस्सा है।
- यह सहयोग भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति के अनुकूल है।
- परिचय:
- आनंद (Anand):
- आनंद, तीन अक्षीय स्थिर नैनो उपग्रह लघुकृत ‘इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पेलोड’ तथा अन्य सभी उप-प्रणालियों जैसे टीटीसी, पावर, ऑनबोर्ड कंप्यूटर और पिक्ससेल से एडीसीएस के लिये एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक है, जो भारत से भी सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किये गए थे।
- एस्ट्रोकास्ट (Astrocast):
- एस्ट्रोकास्ट, एक 3U अंतरिक्ष यान, पेलोड के रूप में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) के लिये एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक उपग्रह है। इस मिशन में 4 एस्ट्रोकास्ट उपग्रह शामिल हैं। ये अंतरिक्ष यान ISISspace QuadPack डिस्पेंसर के भीतर रखे गए हैं।
- डिस्पेंसर उपग्रह को संदूषण से बचाता है।
- थिम्बोल्ट उपग्रह (Thymbolt Satellites):
- थिम्बोल्ट एक 0.5U अंतरिक्ष यान बस है जिसमें ध्रुव अंतरिक्ष से कई उपयोगकर्त्ताओं के लिये तेज़ी से प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और नक्षत्र विकास को सक्षम बनाने हेतु एक संचार पेलोड शामिल है, जो 1 वर्ष के न्यूनतम जीवनकाल के साथ अपने स्वयं के ऑर्बिटल डिप्लॉयर का उपयोग करता है।
- पृथ्वी अवलोकन उपग्रह -06 (EOS-6) :
- पृथ्वी अवलोकन उपग्रह -06 ओशनसैट शृंखला की तीसरी पीढ़ी का उपग्रह है जिसकी परिकल्पना समुद्र विज्ञान, जलवायु और मौसम संबंधी अनुप्रयोगों में उपयोग करने के लिये समुद्र के रंग, समुद्र की सतह के तापमान और पवन वेक्टर डेटा का निरीक्षण करने के लिये की गई है।
- यह उपग्रह क्लोरोफिल, समुद्री सतह तापमान (SST) और हवा की गति और भूमि आधारित भूभौतिकीय मापदंडों का उपयोग करके संभावित मछली पकड़ने के क्षेत्रों जैसे मूल्य वर्धित उत्पादों का भी समर्थन करता है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न (PYQs)प्रश्न . भारत के उपग्रह प्रमोचित करने वाले वाहनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:
उपर्युत्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (a) केवल 1 उत्तर: A प्रश्न: भारत द्वारा प्रमोचित खगोलीय वेधशाला, ‘ऐस्ट्रोसैट’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही हैं?(2016)
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये: (a) केवल 1 उत्तर:D प्रश्न. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये: (2010) भारत द्वारा प्रक्षेपित ओशनसैट-2 उपग्रह किसमें मदद करता है?
उपर्युक्त कथनों में से कौ- सा/से सही है/हैं? (a) केवल 1 और 2 उत्तर: (d) |