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प्रीलिम्स फैक्ट्स

  • 21 Oct, 2019
  • 7 min read
प्रारंभिक परीक्षा

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 21 अक्तूबर, 2019

शिरुई लिली

Shirui Lily

हाल ही में मणिपुर में शिरुई लिली (Shirui Lily) महोत्सव आयोजित किया गया। इस चार दिवसीय महोत्सव में नृत्य, भोजन, संगीत और पारंपरिक खेल का आयोजन किया गया।

shirui-lily

शिरुई लिली के बारे में?

  • यह मणिपुर का राजकीय पुष्प है।
  • यह तीन फीट लंबा और घंटी के आकार का नीला-गुलाबी रंग का पुष्प है।
  • इसका वैज्ञानिक नाम लिलियम मैकलिनिया (Lilium mackliniae) है।
  • शिरुई लिली, ग्राउंड लिली (Ground Lily) की एक प्रजाति है जो केवल मणिपुर की शिरुई पहाड़ी (Shirui Hills) के आसपास पाई जाती है। इस क्षेत्र में तांगखुल नागा जनजाति निवास करती है।
  • तांगखुल जनजाति द्वारा इसे स्थानीय भाषा में काशोंग तिम्रावोन (Kashsong Timrawon) कहा जाता है, जो तिम्रावोन के नाम पर रखा गया है।
  • ऐसा माना जाता है कि तिम्रावोन पौराणिक देवी फिलव (Philava) की बेटी है, जो शिरुई की पहाड़ियों में निवास करती है और इस जनजाति की रक्षा करती है।

खोज:

  • इस पुष्प की खोज मणिपुर में वर्ष 1946 में अंग्रेज़ वैज्ञानिक फ्रैंक किंग्डन-वार्ड (Frank Kingdon-Ward) द्वारा की गई थी।
  • अपनी विशेषताओं के कारण इस पुष्प ने वर्ष 1948 में रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी (Royal Horticultural Society- RHS) लंदन के एक फ्लॉवर शो में श्रेष्ठता पुरस्कार जीता था।

शिरुई लिली को प्रभावित करने वाले कारक:

  • अत्यधिक पर्यटन।
  • आक्रामक बाँस प्रजातियाँ।
  • शिरुई पहाड़ी को राष्ट्रीय उद्यान घोषित करने में हो रही देरी।

तस्मानियन टाइगर

Tasmanian Tiger

हाल ही में एक रिपोर्ट में तस्मानियन टाइगर (Tasmanian Tiger) से मिलते-जुलते एक जानवर का उल्लेख हुआ, लेकिन तस्मानियन टाइगर वर्ष 1936 के बाद से विलुप्त माना जाता है।

Tasmanian Tiger

तस्मानियन टाइगर के बारे में:

  • इसका वैज्ञानिक नाम थैलसाइनस साइनोसेफैलस (Thylacinus Cynocephalus) है।
  • इसको थायलेसिन (Thylacine) और तस्मानियन वुल्फ (Wolf) के नाम से भी जाना जाता है।
  • बहुत समय पहले यह उत्तर में न्यू गिनी से लेकर दक्षिण में तस्मानिया तक पाया जाता था, लेकिन लगभग 2000 वर्ष पहले यह ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि से विलुप्त हो गया था।
  • वर्ष 1936 में तस्मानिया के होबार्ट चिड़ियाघर में अंतिम ज्ञात तस्मानियन टाइगर की मृत्यु हो गई थी।
  • यह IUCN की रेड लिस्ट में विलुप्त (Extent) और CITES की परिशिष्ट I (Appendix I) में सूचीबद्ध है।

शारीरिक विशेषताएँ:

  • तस्मानियन टाइगर का आकार कुत्ते से मिलता-जुलता था।
  • इसके शरीर पर पीछे से शुरू होने वाली गहरी धारियाँ, कड़ी पूँछ (Stiff Tail) और पेट की थैली (Abdominal Pouch) होती थी।
  • यह एक मार्सुपियल (Marsupial) वर्ग का मांसाहारी जानवर था।

विलुप्त होने के कारण:

  • मनुष्यों द्वारा अति शिकार।
  • ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय जंगली कुत्तों डिंगो (Dingo) से प्रतिस्पर्द्धा।
  • भेड़ों के लिये खतरा होने के कारण भेड़पालकों से संघर्ष।

प्रहरी

Prahari

सामुदायिक पुलिसिंग योजना- प्रहरी (Community Policing Scheme- Prahari) दिल्ली पुलिस द्वारा अपराध को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लॉन्च की गई एक योजना है।

Prahari Scheme

क्रियान्वयन:

  • प्रहरी योजना के अंतर्गत नागरिक, वाणिज्यिक और वीआईपी क्षेत्रों में तैनात चौकीदार एवं सुरक्षा गार्ड अपराध की रोकथाम में पुलिस की सहायता करेंगे।
  • इसके अंतर्गत दिल्ली छावनी पुलिस स्टेशन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें 400 से अधिक चौकीदारों और सुरक्षा गार्डों ने भाग लिया।

उद्देश्य:

  • सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मज़बूत करना।
  • यह योजना चौकीदारों और सुरक्षा गार्डों के कार्यों में दक्षता बढ़ाने में सहायता करेगी।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद

UN Human Rights Council

हाल ही में वेनेज़ुएला संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UN Human Rights Council) के सदस्य के रूप में निर्वाचित हुआ है।

UNHRC

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का गठन:

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 15 मार्च, 2006 को संकल्प 60/251 द्वारा इसका गठन किया गया था।
  • इस परिषद का गठन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के स्थान पर किया गया था।

संरचना:

  • यह परिषद 47 संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों से बनी है जो संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा चुने जाते हैं।
  • परिषद की सदस्यता समान भौगोलिक वितरण पर आधारित है। इसकी सदस्य संख्या का वितरण निम्नलिखित है:
    • अफ्रीका : 13 सदस्य देश
    • एशिया-प्रशांत: 13 सदस्य देश
    • लैटिन अमेरिकी और कैरीबिया: 8 सदस्य देश
    • पश्चिमी यूरोपीय और अन्य: 7 सदस्य देश
    • पूर्वी यूरोप: 6 सदस्य देश
    • भारत वर्ष 2021 तक परिषद का सदस्य है।

अधिदेश:

  • यह एक अंतर-सरकारी निकाय है जो विश्व भर में मानवाधिकारों के प्रचार और संरक्षण को मज़बूती प्रदान करने तथा मानवाधिकारों के उल्लंघन की स्थितियों को दूर करने एवं उन पर सिफारिशें लागू करने हेतु उत्तरदायी है।

बैठक:

  • इसकी बैठक संयुक्त राष्ट्र के ज़िनेवा कार्यालय में आयोजित की जाती है।

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